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Uttarakhand News: केदारनाथ में गैर-हिंदुओं की एंट्री बैन करने की मांग, बीजेपी विधायक आशा नौटियाल के बयान पर बवाल; कांग्रेस ने किया विरोध

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केदारनाथ से बीजेपी विधायक आशा नौटियाल ने आरोप लगाया है कि गैर-हिंदू लोग धाम में ऐसी गतिविधियां कर रहे हैं, जो हिंदू श्रद्धालुओं की भावनाओं को आहत कर रही हैं.

 

Uttarakhand News: उत्तराखंड के केदारनाथ धाम में गैर-हिंदुओं की एंट्री पर बैन लगाने की मांग उठी है. दरअसल, केदारनाथ से बीजेपी विधायक आशा नौटियाल ने आरोप लगाया है कि गैर-हिंदू लोग धाम में ऐसी गतिविधियां कर रहे हैं, जो हिंदू श्रद्धालुओं की भावनाओं को आहत कर रही हैं. उन्होंने कहा कि अगर कोई केदारनाथ धाम की छवि को धूमिल करने की कोशिश करता है, तो ऐसे लोगों की एंट्री पर रोक लगाई जानी चाहिए.

आशा नौटियाल के इस बयान का अयोध्या के कई संतों ने समर्थन किया है. उन्होंने कहा कि केदारनाथ हिंदू धर्म का पवित्र तीर्थस्थल है और यहां पर गैर-हिंदुओं की मौजूदगी से धार्मिक आस्था प्रभावित हो रही है.

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शराब और मांस बिक्री का भी आरोप

बीजेपी के मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने भी विधायक आशा नौटियाल के बयान का समर्थन किया. उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में चारधाम हिंदू धर्म के लिए बेहद अहम हैं और हर साल लाखों श्रद्धालु यहां आते हैं. उन्होंने दावा किया कि केदारनाथ में कुछ दुकानों के जरिए शराब और मांस बेचा जा रहा है, जो इस पवित्र स्थान की गरिमा के खिलाफ है.

कांग्रेस ने किया विरोध

इस बयान पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने इसे बीजेपी नेताओं की “सनसनीखेज बयान देने की आदत” करार दिया. रावत ने कहा कि उत्तराखंड को ‘देवभूमि’ कहा जाता है, लेकिन बीजेपी हर चीज को धर्म से जोड़ने की कोशिश कर रही है.

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हरीश रावत ने आगे कहा कि अगर कोई अनुचित गतिविधियां हो रही हैं, तो सरकार को बिना हंगामा किए सख्त कार्रवाई करनी चाहिए. उन्होंने सुझाव दिया कि इस मामले को मुख्यमंत्री के स्तर तक ले जाने की जरूरत नहीं है, बल्कि जिला प्रशासन को इसे देखना चाहिए.

बढ़ सकता है विवाद

केदारनाथ धाम हिंदू धर्म के चारधाम में से एक है और हर साल लाखों श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए आते हैं. ऐसे में विधायक आशा नौटियाल का यह बयान एक बड़े विवाद को जन्म दे सकता है. अब देखना यह होगा कि उत्तराखंड सरकार इस मांग पर क्या रुख अपनाती है और क्या प्रशासन इस मामले में कोई कदम उठाता है या नहीं.

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