Char Dham Yatra 2026: इस पूरे मामले की निगरानी के लिए एक विशेष टास्क फोर्स गठित की गई है. यह टास्क फोर्स यात्रा मार्गों पर संचालित किए जा रहे जानवरों और उनके मालिकों पर लगातार नजर रखेगी.
चार धाम यात्रा को लेकर इस बार सरकार ने घोड़े और खच्चरों के संचालन पर कड़ा रुख अपनाया है. पशुपालन मंत्री सौरव बहुगुणा ने साफ कर दिया है कि जो भी घोड़ा या खच्चर शारीरिक रूप से अनफिट पाया जाएगा, उसे यात्रा मार्ग पर किसी भी हाल में नहीं चलाया जाएगा. ऐसे जानवरों का संचालन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा.
दरअसल वर्ष 2022 की चार धाम यात्रा में 250 से अधिक घोड़े और खच्चरों की मौत ने पूरे देश को झकझोर दिया था. उस साल यात्रा मार्गों पर जानवरों के साथ हुई बेरहमी और उनकी बड़े पैमाने पर हुई मौतों को लेकर खूब हंगामा मचा था. इस घटना के बाद से लगातार यह मांग उठती रही कि यात्रा में जानवरों की सेहत को लेकर ठोस व्यवस्था की जाए. अब सरकार इस दिशा में गंभीरता से कदम उठाती दिख रही है.

हेल्थ कैंप से होगी नियमित जाँच
मंत्री बहुगुणा ने बताया कि इस बार यात्रा मार्गों पर हेल्थ कैंप लगाए जाएंगे जहाँ घोड़ों और खच्चरों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा. यह परीक्षण यात्रा शुरू होने से पहले और यात्रा के दौरान भी लगातार जारी रहेगा. जो जानवर जाँच में अनफिट निकलेगा उसे तत्काल यात्रा से हटाया जाएगा.
टास्क फोर्स रखेगी पैनी नजर
इस पूरे मामले की निगरानी के लिए एक विशेष टास्क फोर्स गठित की गई है. यह टास्क फोर्स यात्रा मार्गों पर संचालित किए जा रहे जानवरों और उनके मालिकों पर लगातार नजर रखेगी. जो संचालक जानवरों के साथ क्रूरता करते पाए जाएंगे या अनफिट जानवरों को जबरदस्ती यात्रा में लगाने की कोशिश करेंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.









