About Sitabani Temple (सीताबनी मंदिर के बारे में)
सीताबनी वन्यजीव अभयारण्य में स्थित, सीताबनी मंदिर (Sitabani Temple)पर्यटन के लिए एक आदर्श स्थान है। इस ऐतिहासिक मंदिर की सुंदर संरचना इसे दुनिया भर के पर्यटकों के लिए एक आकर्षक स्थल बनाती है। मंदिर परिसर के आसपास सियार, जंगली सूअर, काकर (भौंकने वाले हिरण), तेंदुए, बाघ, हाथी और किंग कोबरा जैसे जंगली जीवों को देखना एक रोमांचक अनुभव होता है। यही एक कारण है कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) द्वारा इस मंदिर को एक राष्ट्रीय संरक्षित विरासत स्थल के रूप में प्रस्तावित किया गया है।
यह एक छोटा सा मंदिर है जो देवी सीता को समर्पित है, और यह एकमात्र ऐसा मंदिर है जहां लव और कुश की मूर्तियाँ शिवलिंग के साथ स्थापित हैं। यह मंदिर कॉर्बेट नेशनल पार्क से लगभग 24 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। मेलानी रेंज में स्थित होने के कारण, यह मंदिर आगंतुकों को चारों ओर की भव्य पहाड़ियों और जंगलों का अद्भुत दृश्य प्रदान करता है।
इस मंदिर में तीन जल धाराओं से बहता हुआ पानी है और एक छोटा सा सुंदर तालाब भी है, जो इसकी अद्वितीय वास्तुकला का हिस्सा है। यह स्थान प्रकृति प्रेमियों और ऐतिहासिक धरोहर में रुचि रखने वालों के लिए अवश्य घूमने योग्य है।

Mythology AND History of Sitabani Temple (सीताबनी मंदिर की पौराणिक कथा और इतिहास)
ऐसा माना जाता है कि माता सीता अपने पुत्रों लव और कुश के साथ सीताबनी वन में आई थीं और कुछ समय तक यहीं पर रुकी थीं। उनकी स्मृति में कॉर्बेट टाइगर रिजर्व क्षेत्र में यह मंदिर बनाया गया है, और इसी कारण इस स्थान का नाम ‘सीताबनी’ पड़ा, जिसका शाब्दिक अर्थ है “माता सीता का वन”। यह मंदिर अत्यंत प्राचीन और पूरी तरह से एकांत में स्थित है। यहाँ एकमात्र पुजारी रहते हैं जो घने जंगल और वन्यजीवों के बीच इस मंदिर की देखरेख करते हैं। मंदिर में एक जलस्रोत भी है, जिसमें से गर्म पानी निकलता है।
Sitabani Temple is Famous For: (सीताबनी मंदिर प्रसिद्ध है इसके लिए:)
यह एक ऐतिहासिक मंदिर है, जो अपनी आध्यात्मिक महत्ता और वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध है। इस मंदिर की presiding deity (मुख्य देवी) माता सीता हैं, जो अग्नि परीक्षा से पहले अपने वनवास के दौरान कुछ समय इस स्थान पर रही थीं। माना जाता है कि यह स्थान महर्षि वाल्मीकि का आश्रम था।
मंदिर के पास मेलाका पत्थरों के कई टुकड़े, एक बिना सिर की नृत्य करती हुई गणेश प्रतिमा, एक दरवाजे की चौखट, सजावटी स्तंभ, और नक्काशीदार शिलाएं बिखरी हुई हैं, जो इस स्थान की प्राचीनता को दर्शाती हैं। हालांकि, वर्तमान में जो मंदिर यहाँ स्थित है, वह बाद के काल का है।
Local Beliefs And Story abut Sitabani Temple (सीताबनी मंदिर से जुड़ी स्थानीय मान्यताएँ और कथा)
Location of Sitabani Temple(सीताबनी मंदिर का स्थान)
सीताबनी मंदिर (Sitabani Temple)उत्तराखंड के Jim Corbett नेशनल पार्क के सीताबनी जंगलों के भीतर स्थित है, जो कॉर्बेट के कोटा रेंज के पास है। यह रामनगर से लगभग 20 किलोमीटर दूर है।
Best time to Visht Sitabani Temple(सीताबनी मंदिर दर्शन का सर्वोत्तम समय)
जनवरी, फरवरी, मार्च, अप्रैल, मई, अक्टूबर, नवंबर और दिसंबर के महीने सीताबनी मंदिर(Sitabani Temple) जाने के लिए उत्तम समय होते हैं।
How to Reach Sitabani Temple
जिम कॉर्बेट उत्तरी भारत के प्रमुख नगरों और शहरों से सड़कों के माध्यम से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। रामनगर प्रतिदिन चलने वाली बसों के माध्यम से दिल्ली से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। सबसे निकटतम रेलवे स्टेशन स्वयं रामनगर में ही स्थित है, जो जिम कॉर्बेट को भारत के विभिन्न शहरों से जोड़ता है।
Sitabani Temple Nearby places to visit
- Garjiya temple (गर्जिया मंदिर)
- Dhikala (धकाला)
- Corbett museum(कॉर्बेट म्यूज़ियम)
- Corbett falls(कॉर्बेट फॉल्स)
- Jhirna (झिरना)
- Bijrani (बिजरानी)











