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संवाद सहयोगी, जागरण, रुद्रप्रयाग। गौरीकुंड हाईवे बांसवाड़ा में गुरुवार को चार घंटे अवरुद्ध रहा। पहाड़ी से बोल्डर व मलबा गिरने के कारण हाईवे अवरुद्ध होने पर केदारनाथ जाने वाले यात्रियों व आम स्थानीय लोगों को भी जाम में फंसना पड़ा।

नेशनल हाईवे लोनिवि की जेसीबी मशीनों ने मलबा हटाकर चार घंटे बाद आवाजाही शुरू करवाई। इस बीच हाईवे के दोनों ओर सैकड़ों वाहन फंसे रहे। वहीं देर शाम फिर मलबा आने से हाईवे बाधित हो गया। उसे सुचारू करने में टीम जुटी हुई थी।

गौरीकुंड हाईवे रुद्रप्रयाग से लगभग 28 किमी गौरीकुंड की ओर बांसवाड़ा में आए दिन भूस्खलन के कारण अवरुद्ध हो रहा है। सुबह लगभग छह बजे पहाड़ी से बोल्डर व मलबा आने के कारण हाईवे पूरी तरह अवरुद्ध हो गया। सूचना पर पुलिस के साथ ही नेशनल हाईवे के अधिकारी भी पहुंचे तथा यहां पहले से तैनात जेसीबी मशीनों ने मलबा हटाने का कार्य शुरू किया।

लगभग दस बजे मलबा हटाकर आवाजाही सुचारू की गई, लेकिन इस बीच हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी लाइन लग गई। इससे जाम की स्थिति बन गई। जैसे-तैसे आवाजाही सुचारू होने में एक घंटे से अधिक समय लग गया।

Chardham Yatra: गौरीकुंड हाइवे पर भूस्खलन केदारनाथ यात्रा बाधित, पहाड़ी से गिर रहे पत्‍थर; यातायात रोका - Chardham Yatra 2025 Gaurikund Highway Landslide Traffic Halt Kedarnath ...

बांसवाड़ा में हाईवे अवरुद्ध होने से स्थानीय लोगों के साथ ही देश-विदेश से आने वाले यात्रियों को भी मुसीबतें झेलनी पड़ रही हैं। बांसवाड़ा में पहाड़ी से लगातार भूस्खलन हो रहा है, जबकि पूर्व में यहां ट्रीटमेंट का कार्य भी किया गया था। इसके बावजूद हाईवे पर पहाड़ी से बोल्डर व मलबा गिरने का सिलसिला बना हुआ है। गत दिवस गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी बांसवाड़ा में मार्ग अवरुद्ध होने के कारण जाम में फंस गए थे।

नेशनल हाईवे के अधिशासी अभियंता ओंकार पांडेय ने बताया कि भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र बांसवाड़ा में जेसीबी मशीनें पहले से तैनात की गई हैं। मार्ग पर मलबा आते ही मशीनें मलबा हटाने में जुट जाती हैं। हाईवे को जल्द से जल्द खोलने का प्रयास किया जाता है।