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उत्तराखंड चारधाम यात्रा 2025 : बदरी-केदारनथ रूट पर खलल डालेंगे डेंजर जोन, आफत में आ सकती है जान

चारधाम यात्रा

एनएच श्रीनगर के इंजीनियर मोहम्मद तहसीन ने स्वीकार किया कि चमधार में सड़क संकरी होने की वजह से दिक्कतें हो सकती हैं। हालांकि उन्होंने कहा कि सक्रिय जोन में अभी कोई छेड़छाड़ नहीं की जा रही है।

 

Chardham Yatra: उत्तराखंड चारधाम यात्रा की विधिवत शुरुआत 30 अप्रैल को गंगोत्री और यमुनोत्री धामों के कपाट खुलने के साथ ही हो जाएंगे। चारधाम यात्रा को लेकर धामी सरकार ने तैयारियों भी शुरू कर दी है।

चारधाम यात्रा 2025 केदारनाथ यात्रा 2 और बदरीनाथ यात्रा 4 मई से शुरू हो रही है। इसके लिए ऑल वेदर रोड की सड़कों को तैयार करने का काम जोरों पर है। अधिकांश स्थानों पर गड्डे भरे जा चुके हैं और कछ जगह काम चल रहा है।

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लेकिन यात्रा मार्ग पर स्थित एक दर्जन के करीब डेंजर जोन का स्थाई समाधान न होने से यात्रा के दौरान परेशानियां खड़ी हो सकती हैं। बरसात में मलबा आने से सड़कें बंद होने का खतरा बना हुआ है। मंगलवार को आपके अपने अखबार ‘हिन्दुस्तान’ ने बदरी केदार यात्रा मार्ग की पड़ताल की।

तोताघाटी की चढ़ाई पर पहली परीक्षा

बदरी केदार यात्रा पर आने वाले तीर्थ यात्रियों की पहली परीक्षा तोताघाटी की चढ़ाई पर होगी। यहां सड़क तो काफी चौड़ी हो गई है, लेकिन पहाड़ी से पत्थर गिरने का खतरा बरकरार है। इस क्षेत्र में राजमार्ग पर कई स्थानों पर पहाड़ियों के ट्रीटमेंट का काम चल रहा है लेकिन ऊंचे पहाड़ होने की वजह से पत्थर के खतरे को खत्म करना मुश्किल लग रहा है। ऐसे में यात्रियों के लिए सावधानी बरतना जरूरी है।

गौचर से बदरीनाथ तक पांच डेंजर जोन

बदरीनाथ हाईवे पर कमेड़ा, नंदप्रयाग, पागलनाला, हेलंग और हनुमान चट्टी सबसे बड़े डेंजर जोन हैं। यहां पर सड़क तो बनाई जा चुकी है लेकिन पत्थर व मलबा गिरने का खतरा बना हुआ है। पिछले साल भी इन स्थानों पर बार बार सड़क बाधित हुई थी जिससे यात्रियों को परेशानियां झेलनी पड़ी थी। हालांकि चमोली के डीएम संदीप तिवारी ने बताया कि यात्रा से पहले सड़कों को दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं।

केदारनाथ हाईवे पर कुंड में परेशानी

रुद्रप्रयाग से गौरीकुंड के बीच हाईवे के गड्ड़ों को भरने का काम तेजी से चल रहा है। प्रशासन का दावा है कि एक सप्ताह में इस काम को पूरा कर लिया जाएगा। लेकिन इस हाईवे पर कुंड के पास सड़क की स्थिति खराब है। इसकी मुख्य वजह यह है कि ऊपर सड़क का निर्माण चल रहा है जिससे भूधंसाव का खतरा बना हुआ है।

राजमार्ग पर रुद्रप्रयाग में हनुमान मंदिर से लेकर पुरानी सुरंग के बीच सड़क की स्थिति भी काफी खराब बनी हुई है। सोनप्रयाग के पास सड़क बन तो गई है, लेकिन स्थिति अभी पूरी तरह ठीक नहीं हो पाई है। अधिशासी अभियंता ओंकार पांडे ने बताया रुद्रप्रयाग से गौरीकुंड तक कई स्थानो पर काम चल रहा है और सड़क को जल्द ठीक कर दिया जाएगा।

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सिरोबगड़ और चमधार बढ़ाएंगे यात्रियों की टेंशन

बदरीनाथ-केदारनाथ रूट पर पिछले कई सालों से सिरोबगड़ और चमधार सिरदर्द बने हुए हैं। इस वजह से कई बार यात्रा बाधित होती है और यात्रियों को घंटों जाम में फंसा रहना पड़ता है। करोड़ों रूपए खर्च होने के बावजूद आज भी भूस्खलन जोन नासूर बने हुए हैं और इस बार भी यात्रियों की दोनों ही स्थानों पर टेंशन बढ़ सकती है।

एनएच श्रीनगर के इंजीनियर मोहम्मद तहसीन ने स्वीकार किया कि चमधार में सड़क संकरी होने की वजह से दिक्कतें हो सकती हैं। हालांकि उन्होंने कहा कि सक्रिय जोन में अभी कोई छेड़छाड़ नहीं की जा रही है। इसी तरह सिरोबगड़ में यात्रियों को कोई परेशानी न हो इसके भी प्रयास किए जा रहे हैं।

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देवप्रयाग से श्रीनगर के बीच दो डेंजर जोन

देवप्रयाग से श्रीनगर के बीच हाईवे अच्छी स्थिति में है, लेकिन देवप्रयाग के पास पालीपुलिया और भग्गू में डेंजर जोन यात्रियों को परेशान कर सकते हैं। इन दोनों ही स्थानों पर हाइवे को ठीक किया गया है लेकिन पहाड़ी से बरसात के दौरान मलबा आने का खतरा है। ऐसे में यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

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