Phooldei festival:
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरूवार को उत्तराखंड के लोकपर्व फूलदेई की प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी. इसके साथ ही सीएम आवास में सीएम धामी ने सपरिवार लोकपर्व फूलदेई धूमधाम से मनाया |
सीएम ने धूमधाम से मनाया फूलदेई लोकपर्व

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सीएम आवास में परिवार संग धूमधाम से उत्तराखंड के लोकपर्व Phooldei festival मनाया. सीएम धामी की उपस्थिति में सीएम आवास में रंग बिरंगे परिधानों में सजे बच्चों ने देहरी में फूल व चावल बिखेरकर पारंपरिक गीत ‘फूल देई छमा देई, जतुक देला, उतुक सई, फूल देई छमा देई, देड़ी द्वार भरी भकार’ गाते हुए त्योहार की शुरुआत की.
लोकपर्वों का हमारे जीवन में विशेष महत्व है- सीएम

वहीं सीएम धामी ने सभी बच्चों को आशीर्वाद देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की. इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों को Phooldei festival पर्व की शुभकामनायें देते हुए देश व प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की. उन्होंने कहा कि लोकपर्वों का हमारे जीवन में विशेष महत्व है|
FAQ :
Question 1 . उत्तराखंड में फूलदेई त्योहार कब मनाया जाता है?
Answer : Phooldei festival एक ऐसा त्योहार है जो चैत्र संक्रांति, अष्ठमी से लेकर अप्रैल वाली बैशैखी तक मानाया जाता है। इस त्योहार में बच्चे फूल तोड़कर लाते हैं और पारंपरिक पोषाकों में लोकगीत गाते हुए इन फूलों को हर घर की देहरी पर रखते हैं। ऐसे करता हुए बच्चे हर घर तक जाते हैं और पूरे गांव सजा देते हैं। इस दिन घोघादेवी की पूजा की जाती है।
Question 2. फूलदेई क्यों मनाया जाता है?
Answer : Phooldei festival के रूप में देवतुल्य बच्चों द्वारा प्रकृति के सुन्दर फूलों से नववर्ष का स्वागत किया जाता है. उत्तराखंड के मानसखंड कुमाऊं क्षेत्र में उत्तराखंड के प्रसिद्ध लोकपर्व एवं बाल पर्व फूलदेई पर छोटे छोटे बच्चे पहले दिन अच्छे ताज़े फूल वन से तोड़ के लाते हैं।
Question 3. फूलदेई को बच्चों का त्योहार क्यों कहा गया है?
Answer : इस त्योहार में सारे काम बच्चे करते हैं। बडों की भूमिका केवल सलाह देना है। इसलिए फूलदेई बच्चों का त्योहार कहा गया है।
Question 4. उत्तराखंड का लोक पर्व क्या है?
Answer : उत्तराखंड अपनी निराली संस्कृति के लिए जाना जाता है। यहां के लोक जीवन के कई रंग और कई उत्सव हैं। ऐसा ही एक पारंपरिक उत्सव है- घी संक्रांति। उत्तराखण्ड में घी संक्रान्ति पर्व को घ्यू संग्यान, घिया संग्यान और ओलगिया के नाम से भी जाना जाता है।
Question 5. फूलदेई महोत्सव कहाँ मनाया जाता है?
Answer : Phool Dei Festival 2024: आज से शुरू हो रहा है फूलदेई उत्सव, उत्तराखंड में फूलों से मनाया जाता है यह पर्व Phool Dei Festival 2024 पहाड़ में प्रतिवर्ष चैत्र मास की सक्रांति से फूलदेई उत्सव है। रुद्रप्रयाग के ग्रामीण क्षेत्रों में सुबह सवेरे बच्चे बसंत के गीत गाकर मठ-मंदिर एवं घरों की चौखट फूल डालते हुए नजर आते हैं।
Question 6. Phooldei festival एक फसल उत्सव किस राज्य में आयोजित किया जा रहा है?
Answer : फूल देई त्यौहार उत्तराखंड में मनाया जाने वाला फसल उत्सव है। फूल देई वसंत ऋतु के स्वागत के लिए मनाया जाने वाला एक शुभ लोक त्योहार है। यह त्योहार हिंदू महीने चैत्र के पहले दिन मनाया जाता है।
Question 7. हम उत्तराखंड में Phooldei festival क्यों मनाते हैं?
Answer : फूल देई उत्तराखंड का एक पारंपरिक त्योहार है जो वसंत का स्वागत करने और क्षेत्र में अच्छी फसल के मौसम की प्रार्थना करने के लिए मनाया जाता है। यह देखते हुए कि ग्रामीण भारत में खेती सबसे महत्वपूर्ण और व्यापक रूप से लोकप्रिय व्यवसायों में से एक है, देश भर में कई कटाई उत्सव मनाए जाते हैं।
Question 8. उत्तराखंड का लोक पर्व क्या है?
Answer : उत्तराखंड अपनी निराली संस्कृति के लिए जाना जाता है। यहां के लोक जीवन के कई रंग और कई उत्सव हैं। ऐसा ही एक पारंपरिक उत्सव है- घी संक्रांति। उत्तराखण्ड में घी संक्रान्ति पर्व को घ्यू संग्यान, घिया संग्यान और ओलगिया के नाम से भी जाना जाता है।











